तेरा चेहरा !

आज के दिन बुलाया होता तो क्या जाता तुम्हारा।
छोड़ दिया मुझे बीच राह में ।
जैसे कोई रिश्ता ना हों आपसे हमारा।
अरे हम तो तकते है हर पल राह तुम्हारा।
कोई शिकायत नहीं तुमसे अब।
क्योंकि चेहरा तुम्हारा है जीने का सहारा।
आज उस चेहरे को ना देख सका ये आँख हमारा। 💗

हेपी नवरात्रि ©

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