ईश्क की गहराई..
दिल आज भी तुझपे फिदा है।
पर तु दिल से जुदा है।
क्यों देता है तू जुदाई ।
दिल पे तरस नही आई ?
मेरे पास है अब सिर्फ रुसवाई ।
ऐ बेवफा ना कर बेवफाई।
इक दिन रुक जायेगी सांसें।
गर ना समझी मेरे ईश्क की गहराई।
मिस यु वेरी मच........
पर तु दिल से जुदा है।
क्यों देता है तू जुदाई ।
दिल पे तरस नही आई ?
मेरे पास है अब सिर्फ रुसवाई ।
ऐ बेवफा ना कर बेवफाई।
इक दिन रुक जायेगी सांसें।
गर ना समझी मेरे ईश्क की गहराई।
मिस यु वेरी मच........
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