आज तेरी याद आती रही..

आज तेरी याद आती रही,
आँखें मेरी पानी बरसाती रही।
दिल में लगी आग ऐसी ।
आँसू उसपर मरहम लगाती रही।
क्या तुम्हें मेरी याद नहीं आती।
मेरी तरह आँखें तेरी नहीं भर जाती।
ईश्क करके तुझसे मैनें क्या पाया।
गम दिया तूने तोहफे में,और मैनें ।
तेरी दिये गम के साथ सुहागरात मनाया है।

कृष्णा बेदर्दी ©

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