यादगार होली Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps March 17, 2014 शाम हो गइ अब होली की अब यादों मे खो जाएँगे ईस साल जमके खेली होली अब अगले शाला आऐंगे । By : krishna (बेददीॅ) Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
मैंने कब कहा कीमत समझो तुम मेरी, हमें बिकना ही होता तो यूँ तन्हा ना होते।। December 27, 2014 Read more
ये आशा... May 07, 2014 ये आशा है दिल को मेरे तु ईक दिन पुकारेगा । दिल मेरे समा के सिने से मुझे लगा के। मेरे गम को खुशी मे, सवारेगा,..... Krishna बेदर्दी © Read more
ईश्क की गहराई.. April 09, 2014 दिल आज भी तुझपे फिदा है। पर तु दिल से जुदा है। क्यों देता है तू जुदाई । दिल पे तरस नही आई ? मेरे पास है अब सिर्फ रुसवाई । ऐ बेवफा ना कर बेवफाई। इक दिन रुक जायेगी सांसें। गर ना समझी मेरे ईश्क की गहराई। मिस यु वेरी मच........ Read more
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